अजय शर्मा
बातचीत पर आधारित
उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ना शुरू हो चुका है। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के लिए 2002 में गुजरात में गृह मंत्रालय में रहे गोवरधन झपड़िया को कमान सौंपी है। वहीं सपा व बसपा में भी सीटों को लेकर आपसी समझौता हो गया है। इस गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया है। अत उत्तर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ना शुरू हो चुका है।
उत्तर प्रदेश के मानचित्र में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का गौतमबुद्ध नगर नोएडा जिला राजनीतिक दृष्टि बहुत ही महत्वपूर्ण है। पिछले दो महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो बार दौरा कर चुके हैं। नोएडा की राजनीति यूपी के अन्य जिलों के मुकाबले काफी अलग है। पिछली सपा सरकार ने यहां पर काफी कुछ करने की कोशिश की थी लेकिन उसे उतनी सफलता नहीं मिली। वहीं भाजपा नोएडा में अपनी सोशल इंजीनियरिंग को अच्छे से परवान चढ़ा रही है।
लोकसभा चुनाव से लगभग 5 महीने पहले हमने सपा के राष्टीय सचिव विकास यादव से पार्टी की रणनीति और स्थानीय स्तर पर तैयारियों के बारे में बातचीत की।
विकास यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा विकास के मुददे पर पूरी तरह से असफल सरकार है। यहां पर सिर्फ गाय और मंदिर जैसे विषय को मुददा बनाया जा रहा है। जिससे यूपी की आबो हवा को जहरीला बनाया जा सके इसका ताजा उदाहरण बुलंदशहर में इंस्पेक्टर की हत्या है। इस घटना पर योगी जी ने कहा कि इंस्पेक्टर की हत्या ज्यादा गाय को किसने मारा यह ज्यादा महत्वपूर्ण है। बीजेपी धार्मिक उन्माद तथा घृणा की राजनीति करती है। गुजरात में हुई हिंसा के वक्त नरेन्द्र मादी की टीम का हिस्सा रहे गोवरधन इस बात को समझाने के लिए काफी है कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में क्या करने वाली है।
विकास यादव मीडिया की राजनीति में भूमिका पर कहते हैं कि भाजपा ने मीडिया को अपाहिज बना दिया है। वह बहुत डरी और सहमी हुई है। मीडिया के एक बड़े हिस्से ने तो दरबारी मीडिया की गुलामी स्वीकार कर ली है। जो कि लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो चुका है। इसके दुष्परिणाम सामने आने शुरू हो चुके हैं। वहीं दूसरी और जिस मीडिया ने उसके अनुरूप काम करना स्वीकार नहीं किया है उसे वे लोग ईमानदार मीडिया नहीं मानते हैं।
विकास यादव मानते हैं कि उत्तर प्रदेश का नागरिक इस बार भी अपने बुद्धि विवेक से ही लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान करेगा। वह बता देगा कि वह किस प्रकार की शासन व्यवस्था चाहता है।
बातचीत पर आधारित
उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ना शुरू हो चुका है। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के लिए 2002 में गुजरात में गृह मंत्रालय में रहे गोवरधन झपड़िया को कमान सौंपी है। वहीं सपा व बसपा में भी सीटों को लेकर आपसी समझौता हो गया है। इस गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया है। अत उत्तर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ना शुरू हो चुका है।
उत्तर प्रदेश के मानचित्र में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का गौतमबुद्ध नगर नोएडा जिला राजनीतिक दृष्टि बहुत ही महत्वपूर्ण है। पिछले दो महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो बार दौरा कर चुके हैं। नोएडा की राजनीति यूपी के अन्य जिलों के मुकाबले काफी अलग है। पिछली सपा सरकार ने यहां पर काफी कुछ करने की कोशिश की थी लेकिन उसे उतनी सफलता नहीं मिली। वहीं भाजपा नोएडा में अपनी सोशल इंजीनियरिंग को अच्छे से परवान चढ़ा रही है।
लोकसभा चुनाव से लगभग 5 महीने पहले हमने सपा के राष्टीय सचिव विकास यादव से पार्टी की रणनीति और स्थानीय स्तर पर तैयारियों के बारे में बातचीत की।
विकास यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा विकास के मुददे पर पूरी तरह से असफल सरकार है। यहां पर सिर्फ गाय और मंदिर जैसे विषय को मुददा बनाया जा रहा है। जिससे यूपी की आबो हवा को जहरीला बनाया जा सके इसका ताजा उदाहरण बुलंदशहर में इंस्पेक्टर की हत्या है। इस घटना पर योगी जी ने कहा कि इंस्पेक्टर की हत्या ज्यादा गाय को किसने मारा यह ज्यादा महत्वपूर्ण है। बीजेपी धार्मिक उन्माद तथा घृणा की राजनीति करती है। गुजरात में हुई हिंसा के वक्त नरेन्द्र मादी की टीम का हिस्सा रहे गोवरधन इस बात को समझाने के लिए काफी है कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में क्या करने वाली है।
विकास यादव मीडिया की राजनीति में भूमिका पर कहते हैं कि भाजपा ने मीडिया को अपाहिज बना दिया है। वह बहुत डरी और सहमी हुई है। मीडिया के एक बड़े हिस्से ने तो दरबारी मीडिया की गुलामी स्वीकार कर ली है। जो कि लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो चुका है। इसके दुष्परिणाम सामने आने शुरू हो चुके हैं। वहीं दूसरी और जिस मीडिया ने उसके अनुरूप काम करना स्वीकार नहीं किया है उसे वे लोग ईमानदार मीडिया नहीं मानते हैं।
विकास यादव मानते हैं कि उत्तर प्रदेश का नागरिक इस बार भी अपने बुद्धि विवेक से ही लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान करेगा। वह बता देगा कि वह किस प्रकार की शासन व्यवस्था चाहता है।