Tuesday, 31 March 2020

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जनता से मांगी माफी

सीएम शिवराज ने जनता से मांगी माफी

मध्य प्रदेश की वित्तीय राजधानी इंदौर में मंगलवार को कोरोना के 17 नए मामले सामने आने के बाद लोगों से कोरोना से सावधान रहने की अपील की है।

Coronavirus (कोरोना वायरस) के बढ़ते कहर को लेकर Cm Shivraj Singh Chauhan (सीएम शिवराज सिंह चौहान) ने अपने Social Media (सोशल मीडिया) अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें वो इंदौर के लोगों को सुरक्षित रखने की सलाह दे रहे है। मध्य प्रदेश की वित्तीय राजधानी इंदौर में मंगलवार को कोरोना के 17 नए मामले सामने आने के बाद लोगों से कोरोना से सावधान रहने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तीन बार स्वच्छता में अव्वल रहने वाला शहर जरूर कोरोना को हरा देगा।
 शिवराज सिंह चौहान ने अपने वीडियो में कहा, "मेरे इंदौर के प्रिय भाइयों बहनों.. इंदौर दुनिया का अद्भुत शहर है। आपके मेरे सपनों का शहर है। आपकी जागरूकता के कारण इंदौर स्वच्छ भारत अभियान में तीन-तीन बार देश में पहले नंबर पर आया है। आज हमारा प्यारा शहर कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ रहा है। मैं आप सब से कहना चाहता हूं कि कोरोना को हर हालत में हराना है और इसको हराने का एकमात्र उपाय है कृपया करके आप अपने घरों में रहिए"। 

उन्होंने आगे कहा की "टोटल लॉक डाउन कर संपर्क की चैन को तोड़ दें और पीएम मोदी द्वारा बताई गई लक्ष्मणरेखा का पूरी तरह से पालन कीजिए। अति आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रशासन घरों में करने का प्रयास कर रहा है। अपनों के लिए, अपने लिए, अपने बच्चों के लिए, अपने परिवार के लिए, अपने मित्रों के लिए अपने शहर के लिए, क्या कुछ दिन आप अपने एकांत में रह नहीं सकते। मैं जानता हूं आप उत्सव प्रेमी हैं लेकिन इस समय का तकाजा है हम घरों में रहे।“

सीएम शिवराज ने प्रदेश के लोगों को कहा कि. “डरें बिल्कुल नहीं कोरोना पॉजिटिव आए हैं। पॉजिटिव का मतलब यह नहीं कि कोई ठीक नहीं होगा। देश में और हमारे प्रदेश में भी जबलपुर में सारे मरीज ठीक हो गए। ग्वालियर में कोरोना पॉजिटिव ठीक हो गया। इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। दिन-रात हम सब लगे हुए हमारे डॉक्टर, हमारे नर्स, हमारे पुलिस, अधिकारी, नगरसेवक, राजस्व के कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता मिलकर इस महामारी से लड़ रहे हैं। मेरी प्रार्थना ये है कि हम सख्ती करेंगे। टोटल लॉक डाउन। घर पर रहे लड़ाई हम लोग जीतेंगे और कोरोना हारेगा, इंदौर जीतेगा। आप अपने घरों पर रहे प्रशासन को पूरा सहयोग करें। समस्या बड़ी है लेकिन हौसला उससे भी बड़ा। मैं माफी मांग रहा हूं मैं सख्ती करूंगा। आपके लिए इंदौर के लिए। कृपया करके पूरा सहयोग कीजिए और कोई कष्ट हो तो 

आप सभी की जागरुकता के कारण ही यह शहर तीन बार सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में पहले स्थान पर आया . 

आपको बता दें कि मंगलवार को इंदौर में कोरोना के 17 मामले दर्ज होने के बाद, मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है। इनमें इंदौर के 44 लोग शामिल हैं।

Saturday, 21 March 2020

कोरोना वायरस: पिछले 24 घंटे में पकड़ी रफ्तार, देश में करीब 256 केस


भारत में तेजी से बढ़ रहा कोरोना का कहर, संक्रमित लोगों का आकंड़ा बढ़कर 256 पहुंचा ! 
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बढ़ते समय के साथ कोरोना का कहर अपना विकराल रूप लेता जा रहा है। देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कोरोना को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। हालांकि सभी सरकारें लोगों को आम तौर पर सोशल डिस्टेंस मेंटेंन करने को कह रही है साथ ही कई एडवाइजरी भी सरकार की ओर जारी कर रही है। लेकिन बावजूद इसके सरकार की सभी कोशिशों पर पानी फेरते हुए कोरोना एक-एक कर लोगों को अपना शिकार बना रहा है। एक दिन पहले ही बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर द्वारा लापरवाही का मामला सामने आया है। जिसके बाद उनके खिलाफ लापरवाही के आरोप में लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में शुक्रवार को मामला दर्ज कराया गया है। 
बता दें, इसी बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 50 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद शुक्रवार शाम को संक्रमित लोगों का आकड़ा 250 तक पहुंच गया है। वहीं शनिवार सुबह तक ये आकड़ा बढ़कर 256 पर पहुंच गया है। जबकि संक्रमितों के पास (संपर्क) में आने वाले 6,700 से ज्यादा लोगों को कड़ी निगरानी में रखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये जानकारी दी है, "देश में COVID-19 से संक्रमितों में 32 विदेशी हैं, जिनमें 17 इतालवी, तीन फिलीपीन के, दो ब्रिटेन और एक-एक कनाडा, इंडोनेशिया और सिंगापुर का निवासी है. इनमें अबतक दिल्ली, कर्नाटक, पंजाब और महाराष्ट्र में हुई चार मौतें भी शामिल है"।
पंजाब में सुनसान पड़ी है सड़कें
पंजाब के अमृतसर शहीद मदन लाल ढिंगरा अंतर्राज्यीय बस अड्डा सुनसान पड़ा हुआ है। कुछ एक बसे ही अड्डें में नजर आ रही हैं। लोग भी कम संख्या में नजर आ रहे हैं। जाहिर है पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बस सेवाओं को स्थगित कर दिया गया हैं। इसलिए सड़के भी वीरान नजर आ रही है।
महाराष्ट्र गुरु तेग बहादुर रेलवे स्टेशन खाली
वायरस के बढ़ते कहर के कारण महाराष्ट्र गुरु तेग बहादुर रेलवे स्टेश पर इक्के-दुक्के लोग ही दिख रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा है कि सभी जरूरी सुविधाओं को छोड़कर, दूसरे ऑफिस और दुकानें बंद रहेंगी। 31 मार्च तक महाराष्ट्र के चार शहरों- मुंबई शहरी क्षेत्र, नागपुर और पिंपरी चिंचवाड़, पुणे में लॉक डाउन किया गया है। जिसके कारण ही लोकल ट्रेन के यात्री नजर नहीं आ रहे हैं।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर भीड़
मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बड़ी संख्या में भीड़ देखने को मिल रही है। बता दें, कोरोना वायरस के कहर के कारण मुंबई शहर में काम कर रहे लोग अब अपने राज्य के लिए रवाना हो रहे हैं। स्टेशन पर मौजूद एक यात्री ने कहा, "मेरे पास कंफर्म टिकट थी इसके बावजूद मुझे अपनी सीट नहीं मिली. ट्रेन के अंदर काफी ज्यादा लोग हैं. मेरे घरवालों ने वापस आने को कहा है इसलिए वापस जा रहे हैं"।

Friday, 20 March 2020

मध्य प्रदेश में क्या होगा कमलनाथ का

MP में कमल या कमलनाथ? 

मध्य प्रदेश की राजनीति का आज का दिन बेहद ही अहम है। आज इस बात का पता चल जाएगा कि ऊंट किस करवट बैठता है, क्योंकि प्रदेश में चल रहे सियासत में अब सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया है। उच्चतम न्यायलय ने कमलनाथ सरकार को विधानसभा में बहुमत हासिल करने को कहा है। जिसके बाद आज शुक्रवार यानी आज कमलनाथ सरकार को सदन में विश्वासमत हासिल करना होगा। वहीं आज मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ फ्लोर टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 15 महीनों में मेरा प्रयास रहा कि हम प्रदेश को नई दिशा दें, प्रदेश की तस्वीर बदलें। मेरा क्या कसूर था? इन 15 महीनों में मेरी क्या गलती थी? उन्होंने कहा, ‘बीजेपी के 15 साल और मेरे 15 महीने, बीजेपी मेरी सरकार को गिराने के लिए पिछले 15 महीनों से साजिश रच रही थी। आपको बता दें कि इसी बीच मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर एन. पी. प्रजापति ने बेगलुरु में बैठे कांग्रेस के 16 बागी विधायकों का भी इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि, बागी विधायकों ने मध्य प्रदेश विधानसभा में होने वाली फ्लोर टेस्ट में शामिल होने से इंकार कर दिया है। ऐसे मेंअब देखना दिलचस्प होगा कि मध्य प्रदेश की राजनीति में बाजी कौन मारता है, कमल या कमलनाथ!

मध्य प्रदेश की सियासत में वर्तमान सीट की बात करें तो राज्य की विधानसभा में कुल 230 (+1) सीटें हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 114 और बीजेपी को 109 सीटें मिली थी, जबकि 2 बीएसपी और अन्य को 5 सीटें मिली थी। अब 10 मार्च को ज्योतिरादित्य के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद ताजा हालात ये है कि ये है कि कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफे की पेशकश की, जिसमें पहले 6 और बाद में सभी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इन सभी विधायकों का इस्तीफा एमपी विधानसभा स्पीकर एन. पी. प्रजापति ने स्वीकार किया है। बागी विधायक के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास अब (114-22) 92 सीटें हैं, तो वहीं अगर ये सभी बागी विधायक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान अगर बीजेपी का समर्थन करते हैं तो बीजेपी के कुल (109+22) 131 सीट हो जाएगी। अंकगणित के हिसाब से देखें तो कांग्रेस के 92, बीएपी के 2 और अन्य को मिला दिया जाए तो भी मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार नहीं बन सकती है। तो वहीं बीजेपी मध्य प्रदेश की सत्ता में काबिज होने के लिए केवल 6 विधायकों की ही जरूरत पड़ेगी। बता दें कि मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए 115 (+1) सीटों की जरूरत है।  


यही कारण है कि बेंगलुरु में बैठे बागी विधायक का जबतक इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था, जबतक, तबतक कांग्रेस यानी कमलनाथ सरकार का पलड़ा भारी था, लेकिन विधानसभा स्पीकर द्वारा बागी विधायकों के इस्तीफे के  सियासी अंकगणित में कमलनाथ सरकार पिछड़ती दिख रही है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्पीकर प्रजापति ने आज दोपहर दो बजे विधानसभा का सत्र बुलाया है। देर रात को विधानसभा सचिवालय ने कार्यसूची जारी कर दी है। सत्र से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संवाददाता सम्मेलन बुलाया है। राजनीतिक घटनाक्रम के बीच होने वाले इस संवाददाता सम्मेलन को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि कमलनाथ कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। 206 विधायकों के सदन में बहुमत के लिए 104 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

Thursday, 5 March 2020

लोकसभा स्पीकर ने सात सांसदो को किया निलंबित, जानिए वजह


नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के सात सांसदों को नियमों का उल्लघंन करने के चलते लोककसभा स्पीकर ओम बिरला ने पूरे बजट सत्र तक के लिए निष्कासित कर दिया है। ये निष्कासन इस आधार पर हुआ है क्यों कि कांग्रेस के तमाम सदस्य लोकसभा स्पीकर के साथ अनर्गल व्यवहार करने के साथ-साथ स्पीकर पर पेपर फेंक रहे थे।  सांसद टी.एन प्रतापन, गौरव गोगोई, एडवोकेट डीन कुरियाकोस, बेनी बेहनन, मणिक्कम टैगोर, राजमोहन उन्नीथन और गुरजीत सिंह औजला ऐसे नाम हैं जो संसद में गलत व्यवहार के चलते संस्पेंड किए गए हैं।
इस दोरान सभापति मीनाक्षी लेखी ने कहा ''जिन माननीय सदस्यों को निलंबित किया गया है वे तुरंत बाहर चले जाएं। लेखी ने सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कहा, आज दोपहर सदन में चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों ने सभा की कार्यवाही से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अध्यक्षीय पीठ से बलपूर्वक छीन लिये और उछाले गये। 
पीठासीन सभापति ने आगे कहा, संसदीय इतिहास में ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण आचरण संभवत: पहली बार हुआ है कि जब अध्यक्ष पीठ से कार्यवाही से संबंधित पत्र छीने गये हो। मैं इस आचरण की घोर निंदा करती हूं। 
जाहिर है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर राजधानी दिल्ली को जाफराबाद, मौजपुर और चांदबाग में जिस तरह से हिंसा हुई। जिसमें भारी संख्या में लोग मारे गए। साथ ही सैकड़ों की संख्या में घायल हुए, उसी बात को लेकर लगातार विपक्ष बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामा कर रहा है।
विपक्ष के हंगामे को देख कर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद की पटल पर यहां तक कहा कि आपलोग हल्ला न मचाए। होली के बाद सरकार इस विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है। विपक्ष ओम बिरला के आश्वासन के बावजूद हंगामा करता रहा। हद तो तब हो गई। जब पन्ने फाड़कर पीठासीन सभापति के उपर फेंके दिए गए। जिसके चलते इन सभी सांसदो को संस्पेड किया गया है।

जीवन संत गाडगे जी महाराज जैसा होना चाहिए: लोकेश चौधरी

   गाजियाबाद: महानगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय कंपनी बाग पर संत गाडगे जी महाराज की जयंती पर चित्र पर पुष्प अर्पित कर विचार गोष्ठी की गई जिसमें...