Sunday, 25 July 2021

उत्तर प्रदेश की राजनीति पर बीजेपी का असर

उत्तर प्रदेश की राजनीति का असर

कई दिनों से रह-रह कर कुछ लिखने की इच्छा हो रही है, लेकिन पल-पल बदलते हालात के बीच विचार बदल रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति का तापमान चरम पर है। भाजपा नेताओं ने दिल्ली और लखनऊ का रास्ता एक कर रखा है। आखिर यह सब क्यों हो रहा है?

चलिए 7 साल पीछे चलते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को याद कीजिए वर्ष 2013 से लेकर 2014 में लोकसभा चुनाव होने तक वह सर्वमान्य नेता बन चुके थे। प्रधानमंत्री बनने के लिए उत्तर प्रदेश को फतह करना जरूरी था। लिहाजा, उन्होंने वाराणसी से चुनाव जीता और उत्तर प्रदेश के हो गए।

नरेंद्र मोदी की कामयाबी के मेरी नजर में तीन मुख्य फैक्टर हैं। पहला, 10 वर्षों के यूपीए शासनकाल में तमाम तरह के गड़बड़ घोटाले सामने आए। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अन्ना और बाबा रामदेव ने दिल्ली में मनमोहन सरकार की नाक में दम कर दिया था।

दूसरा, 10 वर्षों तक कांग्रेस गोधरा कांड को रबर की तरह खींचती रही। नरेंद्र मोदी और उनके करीबियों को खूब परेशान किया गया। जिसकी बदौलत नरेंद्र मोदी की छवि कट्टर हिंदूवादी के रूप में स्थापित हो गई। दूसरी ओर राज्यों में क्षेत्रीय दलों की सरकारों पर मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप थे।

तीसरा सेक्टर इन दोनों के मुकाबले कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है और इसी फैक्टर का सरोकार मौजूदा राजनीतिक हालात से है। जब नरेंद्र मोदी का अभ्युदय हुआ तो उत्तर प्रदेश के पास पक्ष या विपक्ष में कोई बड़ा नेता नहीं था। मतलब, ना तो भारतीय जनता पार्टी के पास नरेंद्र मोदी की टक्कर का नेता था और ना ही दूसरे राजनीतिक दलों में इतने बड़े कद का नेता था। 

राजनाथ सिंह की छवि लगभग धर्मनिरपेक्ष रही है। वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं कर पा रहे थे। कल्याण सिंह भाजपा को दो बार छोड़कर जा चुके थे। कलराज मिश्रा भी बढ़ती उम्र के साथ तेज खो रहे थे। लालकृष्ण आडवाणी अयोध्या में श्रीराम मंदिर के सूत्रधार रहे, लेकिन उन्होंने अपना राजनीतिक क्षेत्र हमेशा गुजरात को ही रखा था। अगर लालकृष्ण आडवाणी उत्तर प्रदेश आ जाते तो शायद वह यूपीए-1 को ही हराकर प्रधानमंत्री बन चुके होते। कुल मिलाकर ऐसे में उत्तर प्रदेश आकर नरेंद्र मोदी को खुला मैदान मिल गया।

अब वर्ष 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव पर नजर डालिए। वह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर लड़ा गया और किसी भी तरह सही योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुन लिए गए। पिछले चार-साढ़े चार साल में योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्यमंत्री कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। मेरा आंकलन है कि राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध कम हुआ है। योगी हम उत्तर प्रदेश में स्थापित नेता बन चुके हैं।

और यही परेशानी का सबब है। अगर योगी आदित्यनाथ अपना कार्यकाल पूरा करते हैं तो वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव उनके नाम पर ही लड़ा जाएगा इसमें भी कोई दो राय नहीं कि वह एक बार फिर सत्ता में वापसी कर लेंगे इन परिस्थितियों में योगी आदित्यनाथ नियुक्त नहीं निर्वाचित मुख्यमंत्री होंगे वह उत्तर प्रदेश के निर्विकार और सर्वमान्य नेता बन जाएंगे

यह बात हर कोई जानता है कि यूपी का लीडर कभी भी देश का लीडर बन सकता है। ऐसे में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि भारतीय जनता पार्टी और देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकल्प मिल जाएगा। पिछले दो सप्ताह से यूपी की राजनीति का चढ़ा तापमान इसी विकल्प को डाइल्यूट करने की कवायद है।

अब दो ही तरह से योगी पर पार पाया जा सकता है। पहला, योगी आदित्यनाथ को ब्राह्मण विरोध, विधायकों में अलोकप्रिय या कोरोना महामारी से लड़ाई में हारा बताकर हटा दिया जाए। ऐसा करना बेहद टेढ़ी खीर है। इससे भाजपा को आने वाले चुनाव में भारी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। दूसरा विकल्प उत्तर प्रदेश का विभाजन है। यूपी को कम से कम तीन हिस्सों में बांट कर अलग पश्चिमांचल, पूर्वांचल और बुंदेलखंड राज्यों का गठन कर दिया जाए।

अगर आपको यह लगता है कि ऐसा होना संभव नहीं है तो देश में लागू हुए आपातकाल को याद कर लीजिए। आपातकाल केवल इसलिए लगा था क्योंकि इंदिरा गांधी राज नारायण, जय नारायण और अदालत से हारने को तैयार नहीं थीं। जब कोई नेता अपने दम पर पार्टी और सरकार को खींचता है तो उसके लिए अपनी राजनीतिक सुरक्षा, अपना कद और अपना पद सबसे बड़े होते हैं।

मैं नरेंद्र मोदी और इंदिरा गांधी के हौसले में कोई फर्क महसूस नहीं करता हूं।

Wednesday, 14 July 2021

गाजियाबाद महानगर कांग्रेस हस्ताक्षर अभियान चलाया

आज 14 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू जी के आह्वान पर देश में और प्रदेश में पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमत वापस ले लेने हेतु गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष लोकेश चौधरी द्वारा अंबेडकर रोड स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल पंपों पर विशाल हस्ताक्षर अभियान चलाया गया जिसमें आम जनता ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और हजारों की संख्या में पब्लिक ने हस्ताक्षर अभियान में सहयोग किया आम जनता ने इसका विरोध किया और कहा कि बढ़े हुए दाम वापस होने चाहिए आज हमें जब ₹100 का पेट्रोल डलवा ते हैं तो अपने गंतव्य स्थान तक भी नहीं पहुंच पाते हैं  पेट्रोल खत्म हो जाता है आम जनता में भारी विरोध है और आम जनता यह मांग करती है कि पेट्रोल-डीजल के दाम तत्काल वापस होने चाहिए उपस्थित रहे महानगर अध्यक्ष लोकेश चौधरी पूर्व मंत्री सतीश शर्मा जीके गॉड  पूर्व एमएलसी प्रत्याशी पूर्व  मोहम्मद जाकिर अली सैफी एआईसीसी सदस्य सी सदस्य  लेखराज त्यागी   सुशांत गोयल पूर्व सांसद स्वर्गीय श्री सुरेंद्र प्रकाश गोयल जी के पुत्  प्रेमप्रकाश चीनी महिला महानगर अध्यक्ष कमलेश कुमारी आशुतोष गुप्ता प्रेमप्रकाश चीनी रुचि भारद्वाज महानगर उपाध्यक्ष पूजा चड्ढा ममता  त्यागी  गीत जी उज्जवल गर्गसुरेंद्र शर्मा पूनम बहल अक्षय बहल राजीव गुप्ता प्रेम सुरेशशर्मा सीतारामप्रजापति  महेंद्र गौतम डॉक्टर बाबू राम आर्य हाशिम चौधरी विजय मोनू पुत्र सत्तू अरोड़ाराजीव शर्मा लियाकत अली  जय किशन जी  बलराज चावड़ा अनिल बढ़ाना  चिराग कश्यप ओबीसी सचिव 

Monday, 12 July 2021

नॉर्थरन रेलवे मेंस यूनियन ने गार्डों की सुरक्षा की मांग की



आज नॉर्थरन रेलवे मेंस यूनियन दिल्ली मण्डल की डी आर एम ऑफिस नई दिल्ली शाखा ने स्टेशन कार्यरत गार्ड कर्मचारियों  की सुरक्षा के समर्थन में भोजनावकाश के समय प्लेटफार्म न.1 स्टेशन निदेशक कार्यालय के सामने शाखा सचिव कॉम दिनेश भारद्वाज के नेतृत्व में  मण्डल महिला कन्वेनर कॉम नीना यादव   C&W के शाखा सचिव कॉम हरि ओम तिवारी व उनकी टीम के साथ प्रदर्शन किया।

    09/07/2021 को 22.00 बजे नई दिल्ली के गार्ड अपनी ड्यूटी खत्म करके अमृतसर रनिंग रूम में पहुंचे वहां केअर टेकर लखमित्र सिंह पूरी तरह से शराब के नशे में धुत्त था, अत्यधिक गर्मी से पस्त गार्डों  ने  केअर टेकर से फ्रेश होने के बाद रजिस्टर में एंट्री करने के लिए विनम्रतापूर्वक निवेदन किया ।परन्तु इसी बात को विवाद का मुद्दा बनाकर केअर टेकर लक्मित्र सिंह गाली गलौज करके जान से मार डालने की धमकी देने लगा व बाहर से कुछ आदमियों को भी बुला लिया, व गार्डों को महिला के साथ छेड़छाड़ के झूठे आरोप में फ़साने की धमकी भी देने लगा। ऐसी प्रतिकूल व विरोधाभास परिस्तिथियों से डरकर गार्डों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया।
      केअर टेकर के ख़िलाफ़ FIR भी कर दी गई है।
 नॉर्थरन रेलवे मेंस यूनियन प्रशासन से मांग करती है कि
1) गार्डों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
2)रनिंग रूम में सीसीटीवी कैमरे लगवाये जाएं।
3) रात्रि पारी में किसी भी महिला की ड्यूटी न लगे जाए
4) दोषी करार के प्रति उचित कार्यवाही की जाए।

लोकेश चौधरी ने कांग्रेस महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली

नवनियुक्त महानगर अध्यक्ष लोकेश चौधरी महानगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय कंपनी बाग में घंटाघर गाजियाबाद के  मुख्य कार्यालय  का कार्यभार संभाला आपको बता दे कि इस पद पर अभी तक मनोज कौशिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। नवनियुक्त महानगर अध्यक्ष लोकेश चौधरी ने पदभार सम्भालते ही उन्होंने उत्तरप्रदेश की सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए ओर महंगाई ,बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर जमकर बरसे  उन्होंने कहा कि कांग्रेस  के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने जो जिम्मेदारी दी उसको पूरी महेनत से निभाया जायेगा। इस जिम्मेवारी पर लोकेश चौधरी ने कहा कि पार्टी ने जिस विश्वास के साथ उन्हें यह पद सौंपा है वह उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी मजबूती के साथ लड़ेगी। इसके लिए हर छोटे से छोटे कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।।

लोकेश चौधरी ने कहा कि हम एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ गलियों ओर सड़को पर उतरेंगे। सरकार की गलत नीतियों के कारण आम आदमी पर महंगाई का बोझ बड़ा है और आम आदमी की कमर तोड़ दी है मंहगाई ने हम इनके खिलाफ एकजुट होकर खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और 2022 के विधानसभा चुनाव में उनको हराकर कांग्रेस की सरकार बनाएंगे। लोकेश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का हर एक सदस्य को साथ लेकर चलेंगे क्योंकि वो कांग्रेस पार्टी के सिपाही है । महानगर अध्यक्ष लोकेश चौधरी, पूर्व महानगर अध्यक्ष श्री मनोज कौशिक जी भी उपस्थित रहे जिन्होंने अपना कार्यभार अब लोकेश चौधरी पर  दे दिया है  विजेंद्र यादव जिलाध्यक्षएआईसीसी सदस्य  मोहम्मद जाकिर अली सैफी सतीश शर्मा पूर्व मंत्री नरेंद्र राठी  सुनील चौधरी आशुतोष गुप्ता महासचिव महकर  सिंह  कासिम प्रधान  जितेंद्र कुमार गोड़,लालमन,जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव पार्षद जाकिर अली,आसुतोष गुप्ता महासचिव,विजयपाल ओबीसी अध्यक्ष महानगर,प्रेमप्रकाश चीनी,नसीम खान,पार्षद विकास सुल्तान खारी,विजय गोयल पार्षद पति,पूजा मेहता  महिला जिला अध्यक्ष पूजा चड्डा ममता त्यागी जय किशन जी सुरेंद्र कुमारशर्मा  उज्जवल वर्मा जी पी यादव महेंद्र गौतम बबलू सेन जेके गॉड  अजय वर्मा वीके अग्निहोत्री सुनील शर्मा सलीम सैफी दिलशाद मलिक विमलेश कुमार माथुर वीर सिंह तोमर चौधरी शहीद अहमद  वीर सिंह प्रदेश सचिव अमर सिंह अवनीश मेहता जावेद खान के एन पांडे ओम दत्त गुप्ता मनोज शर्मा श्रीपाल सिंह वीरेंद्र पाल सिंह अमन त्यागी ओर अन्य सैकड़ो कांग्रेसी मौजूद थे। और आगे आने वाले विधानसभा चुनाव में गाजियाबाद महानगर  मैं आने वाली तीनों सीट पर महानगर में कांग्रेस का झंडा कराया जाएगा ऐसी ही उम्मीद की है सभी मिलजुल कर कार्य करेंगे और कांग्रेस पार्टी  सोनिया गांधी प्रियंका गांधी और राहुल गांधी जी के हाथों को मजबूत करें  कांग्रेस पार्टी को  मजबूत करेंगे  बीजेपी को करारा जवाब दिया जाएगा  झूठ फरेब की राजनीति  नहीं चलने दी जाएगी

जीवन संत गाडगे जी महाराज जैसा होना चाहिए: लोकेश चौधरी

   गाजियाबाद: महानगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय कंपनी बाग पर संत गाडगे जी महाराज की जयंती पर चित्र पर पुष्प अर्पित कर विचार गोष्ठी की गई जिसमें...