Thursday, 23 February 2023

जीवन संत गाडगे जी महाराज जैसा होना चाहिए: लोकेश चौधरी

  
गाजियाबाद: महानगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय कंपनी बाग पर संत गाडगे जी महाराज की जयंती पर चित्र पर पुष्प अर्पित कर विचार गोष्ठी की गई जिसमें उनके जीवन पर प्रकाश डाला कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष लोकेश चौधरी ने कहा की संत गाडगे जी महाराज का जन्म 23 फरवरी 1876 को महाराष्ट्र के अंजनगांव (अमरावती) के सुरजी तालुका के शेडगाओ ग्राम में एक धोबी के परिवार में हुआ था. ज्ञानार्जन से उन्हें जो पैसे प्राप्त होते थे, उससे गांव में स्कूल, धर्मशाला, अस्पताल और जानवरों के रहने योग्य घर बनवाते थे. गाडगे महाराज लोगों को कठिन परिश्रम, साधारण जीवन और परोपकार की भावना का पाठ पढ़ाते थे और हमेशा जरूरतमंदों की सहायता करने को कहते थे. गाडगे जी महाराज अत्यंत विद्वान व्यक्ति थे. अंधविश्वास एवं रूढ़िवादी अनुष्ठानों के खिलाफ लोगों को शिक्षित करने के लिए गांवों में कीर्तन आदि का आयोजन करते थे.और उन्हें करुणा, सहानुभूति तथा मानवता सिखाते थे.कि धार्मिक उद्देश्यों के लिए जानवरों की बलि देने की सदियों पुरानी प्रथा को बंद करना और शराब के उपयोग के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया,लोगों को ज्ञान देने के लिए अपनी पत्नी एवं तीन बच्चों को छोड़ दिया था.स्वच्छता एवं साफ-सफाई में उनके महत्वपूर्ण योगदान, तथा उनके कार्य करने के लिए आज भी याद किया जाता है. भारत सरकार ने उनके सम्मान में एक राष्ट्रीय पुरस्कार शुरू किया था. संत गाडगे जी महाराज का निधन 20 दिसंबर 1956 को हुआ था. भारतीय इतिहास के महान संत गाडगे जी ने अमरावती में पेढ़ी नदी के तट पर अपने पैतृक गांव में अंतिम सांस ली. गाडगे जी महाराज अपने पीछे एक अतुलनीय विरासत छोड़ गये हैं. इस मौके पर ओम दत्त गुप्ता ,प्रवेश राणा, साजिद सैफी, पप्पू साजिद ,चांद कुरैशी, राजीव गुप्ता ,हाफिज मुस्तकीम ,सविता जयसवाल, राजेश पासवान, रितेश कसाना ,योगेश कुमार, फारुख सैफी, आशा चौधरी, अली हसन, जुबेर शौकीन ,हरिराम ,सुनील भारती ,तस्लीम चौधरी, समीना खातून आदि लोग उपस्थित थे

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